निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न का सटीक उत्तर दीजिए। कबीरदास…

2023

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न का सटीक उत्तर दीजिए।

कबीरदास अपने गुरु का बड़ा सम्मान करते थे। उनका कहना था कि मनुष्य को सदगुरु बड़ी कठिनाई से प्राप्त होता है। इसीलिए गुरु को ईश्वर से भी अधिक आदर करना चाहिए। गुरु तो कुम्हार के समान है। जिस प्रकार घड़े को बनाने में कुम्हार मिट्टी के कंकड़-पत्थर पहले निकालकर फेंक देता है फिर उसी मिट्टी से अपना घड़ा बनाता है, उसी प्रकार शिष्य के चरित्र बनाने में सदगुरु उसके अवगुणों को दूर कर देता है।

कबीर के अनुसार कुम्हार क्या करता है?

Answer: D. मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर उसी मिट्टी से घड़ा बनाता हैसटीक उत्तर: मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर उसी मिट्टी से घड़ा बनाता है। व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कुम्हार मिट्टी के कंकड़-पत्थर पहले…

  1. A.

    पीली मिट्टी से घड़ा बनाता है

  2. B.

    मिट्टी के कुल्हड़ बनाता है

  3. C.

    कंकड़-पत्थर मिलाकर घड़ा बनाता है

  4. D.

    मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर उसी मिट्टी से घड़ा बनाता है

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Correct answer: D

सटीक उत्तर: मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर उसी मिट्टी से घड़ा बनाता है।

व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कुम्हार मिट्टी के कंकड़-पत्थर पहले निकालकर फेंक देता है और फिर उसी मिट्टी से अपना घड़ा बनाता है। यह वाक्य कुम्हार के कार्य को सीधे बताता है और इसलिए यही सही उत्तर है।

  • पहला कदम: कुम्हार मिट्टी में से कंकड़-पत्थर निकालता है।

  • दूसरा कदम: बची हुई साफ मिट्टी से वही घड़ा बना लेता है।

निष्कर्ष: इसलिए सही उत्तर है "मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर उसी मिट्टी से घड़ा बनाता है"।

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