निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है : इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं – वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है : समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?
Answer: B. मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है। — अवधारणा: अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में प्रत्येक कथन का सत्यापन उस विशिष्ट पंक्ति से करना चाहिए जिससे वह कथन सीधे जुड़ा है — कथन के भाव और गद्यांश की…
- A.
मनुष्य की मूल प्रवृत्तियाँ समय के साथ परिवर्तनशील हैं।
- B.
मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है।
- C.
मनुष्य मात्र इतिहास में जीता है।
- D.
निरंतरता सदैव अपरिवर्तनीय होती है।
Attempted by 13 students.
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Correct answer: B
अवधारणा: अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में प्रत्येक कथन का सत्यापन उस विशिष्ट पंक्ति से करना चाहिए जिससे वह कथन सीधे जुड़ा है — कथन के भाव और गद्यांश की पंक्ति के भाव के बीच के अंतर (जोड़ा गया या छोड़ा गया कोई शब्द/शर्त) पर ध्यान दें।
प्रयोग: नीचे प्रत्येक कथन के आगे गद्यांश की वह पंक्ति दी गई है जिससे वह कथन संबंधित है :
मनुष्य की मूल प्रवृत्तियाँ समय के साथ परिवर्तनशील हैं — संबंधित पंक्ति: "प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं।"
मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है — संबंधित पंक्ति: "बहुत कुछ बदलता है : समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि।"
मनुष्य मात्र इतिहास में जीता है — संबंधित पंक्ति: "मनुष्य दोनों आयामों में रहता है : इतिहास में और अनन्त में।"
निरंतरता सदैव अपरिवर्तनीय होती है — संबंधित पंक्ति: "निरंतरता ... वही नहीं रह जाती, जो पहले थी।"
जाँच: इन चारों तुलनाओं में से केवल एक कथन का भाव अपनी संबंधित पंक्ति के भाव से सीधे मेल खाता है — शेष तीन में कथन के भाव और पंक्ति के भाव के बीच कोई-न-कोई अंतर (जोड़ा गया निरपेक्ष शब्द, या पंक्ति का किसी और अंश पर लागू होना) मौजूद है। इस तुलना के आधार पर मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है — यह कथन गद्यांश से सीधे समर्थित है।