निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए : विभिन्न भाषाओं में साहित्य की विशिष्ट विधा के रूप में संस्मरण का महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी में भी संस्मरण लिखने की एक सुदीर्घ परंपरा है। जनमन की जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों को संस्मरण कह सकते हैं। संस्मरणों में, जीवन में आने वाले व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं की अंतरंग छवियाँ प्रस्तुत की जाती हैं। इसीलिए इसमें साधारण से साधारण और महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण पात्र और प्रसंग शामिल होते हैं। कई बार साहित्यकार अपने संस्मरण को एक व्यापक यथार्थ से ही जोड़कर रखते हैं तो कई बार उसमें अपनी कल्पना का भी पुट भर देते हैं। कुछ साहित्यकार अपने संस्मरण के माध्यम से मानवीय सरोकारों को भी अभिव्यक्त करते हैं। प्रस्तुत गद्यांश साहित्य की किस विधा के बारे में है?
Answer: D. संस्मरण — अवधारणाअपठित गद्यांश में किसी साहित्यिक विधा की पहचान उसके विषय और प्रमुख लक्षणों से की जाती है। केवल किसी एक शब्द को देखकर नहीं, बल्कि पूरे अनुच्छेद में…
- A.
निबंध
- B.
जीवनी
- C.
कहानी
- D.
संस्मरण
Attempted by 7 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
अवधारणा
अपठित गद्यांश में किसी साहित्यिक विधा की पहचान उसके विषय और प्रमुख लक्षणों से की जाती है। केवल किसी एक शब्द को देखकर नहीं, बल्कि पूरे अनुच्छेद में बार-बार उभरने वाली विशेषताओं का मिलान करना चाहिए।
संस्मरण वह गद्य-विधा है जिसमें लेखक स्मृति के आधार पर व्यक्तियों, स्थानों, घटनाओं और अनुभवों की आत्मीय छवियाँ प्रस्तुत करता है।
अनुप्रयोग
गद्यांश में स्मृति से जुड़ी जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों का उल्लेख है।
इसमें व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं को आत्मीय रूप में प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
ये लक्षण उस विधा से मेल खाते हैं जो स्मृतियों और निजी अनुभवों को केंद्र में रखती है।
अंतर और पुनःजाँच
निबंध मुख्यतः किसी विषय पर विचार या विवेचन प्रस्तुत करता है।
जीवनी किसी व्यक्ति के जीवन का क्रमबद्ध और अपेक्षाकृत समग्र विवरण देती है।
कहानी कथानक और कल्पित या संयोजित घटनाक्रम पर केंद्रित होती है।
संस्मरण स्मृति-आधारित आत्मीय छवियों और अनुभवों को प्रस्तुत करता है।
अतः गद्यांश में वर्णित विधा संस्मरण है।