'संकल्प' शब्द में उपसर्ग बताइए :
2018
'संकल्प' शब्द में उपसर्ग बताइए :
Answer: A. सम् — अवधारणाउपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी मूल शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देता है या उसमें विशेषता जोड़ देता है। संस्कृत से हिन्दी में आए उपसर्गों में एक…
- A.
सम्
- B.
सकृ
- C.
सन्
- D.
सन्क्
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Correct answer: A
अवधारणा
उपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी मूल शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देता है या उसमें विशेषता जोड़ देता है। संस्कृत से हिन्दी में आए उपसर्गों में एक 'सम्' है, जिसका भाव है — 'साथ', 'पूर्णता' या 'भली-भाँति'। नियम यह है कि 'सम्' के म् के बाद कवर्ग (क, ख, ग, घ) का व्यंजन आने पर वह म् अनुस्वार (ं) में बदल जाता है।
प्रयोग — इस शब्द पर
दिए गए शब्द 'संकल्प' का विच्छेद कीजिए — इसमें मूल शब्द 'कल्प' है, जिसका अर्थ 'विचार, कल्पना, निश्चय' है।
'कल्प' के आरम्भ में जुड़ा शब्दांश 'सम्' है, अतः रचना बनती है सम् + कल्प।
'सम्' का म् कवर्ग के 'क' से पहले पड़ता है, इसलिए वह अनुस्वार बन जाता है — सम् + कल्प = संकल्प।
अर्थ भी इसी जोड़ से बनता है — 'सम्' (पूर्णता) + 'कल्प' (निश्चय) = 'दृढ़ निश्चय'।
प्रति-परीक्षण — अन्य उदाहरण
'सम्' उपसर्ग से बने अन्य शब्दों में भी वही अनुस्वार-परिवर्तन दिखाई देता है:
सम् + योग = संयोग
सम् + चय = संचय
सम् + कीर्तन = संकीर्तन
सम् + गम = संगम
शेष तीनों रूप उपसर्ग नहीं हैं — 'सकृ' (शुद्ध रूप 'सकृत्') 'एक बार' अर्थ का संस्कृत अव्यय-रूप है, 'सन्' अरबी से आया 'वर्ष' अर्थ का संज्ञा-रूप है, और 'सन्क्' स + न् + क् का व्यंजन-समूह मात्र है।
परिणाम
अतः 'संकल्प' शब्द में उपसर्ग 'सम्' है।