निर्देश : दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छाँटिए।…
2017
निर्देश : दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प छाँटिए।
आदिम आर्य घुमक्कड़ ही थे। यहाँ से वहाँ वे घूमते ही रहते थे। घूमते भटकते ही वे भारत पहुँचे थे। यदि घुमक्कड़ी का बाना उन्होंने न धारण किया होता, यदि वे एक स्थान पर ही रहते, तो आज भारत में उनके वंशज न होते। भगवान बुद्ध घुमक्कड़ थे। भगवान महावीर घुमक्कड़ थे। वर्षा-ऋतु के कुछ महीनों को छोड़कर एक स्थान में रहना बुद्ध के वश का नहीं था। 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बुद्धत्व प्राप्त किया। 35 वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक जब उनकी मृत्यु हुई, 45 वर्ष तक वे निरंतर घूमते ही रहे। अपने आपको समाज सेवा और धर्म प्रचार में लगाये रहे। अपने शिष्यों से उन्होंने कहा था ‘चरथ भिक्खवे चारिक’ हे भिक्षुओं! घुमक्कड़ी करो यद्यपि बुद्ध कभी भारत के बाहर नहीं गए, किन्तु उनके शिष्यों ने उनके वचनों को सिर आँखों पर लिया और पूर्व में जापान, उत्तर में मंगोलिया, पश्चिम में मकदुनिया और दक्षिण में बाली द्वीप तक धावा मारा। श्रावण महावीर ने स्वच्छन्द विचरण के लिए अपने वस्त्रों तक को त्याग दिया। दिशाओं को उन्होंने अपना अम्बर बना लिया, वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया। जीवनपर्यन्त घूमते रहे। मानव के कल्याण के लिए मानवों के राह प्रदर्शन के लिए और शंकराचार्य बारह वर्ष की अवस्था में संन्यास लेकर कभी केरल, कभी मिथिला, कभी कश्मीर और कभी बदरिकाश्रम में घूमते रहे। कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक समस्त भारत को अपना कर्मक्षेत्र समझा। सांस्कृतिक एकता के लिए, समन्वय के लिए, श्रुति धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य के प्रयत्नों से ही वैदिक धर्म का उत्थान हो सका।
महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?
Answer: B. वैशाली — अवधारणा: गद्यांश-आधारित (अपठित गद्यांश पर आधारित) प्रश्नों में सही उत्तर सदैव गद्यांश में स्पष्ट रूप से दी गई जानकारी पर आधारित होता है, न कि बाहरी सामान्य…
- A.
पावापुरी
- B.
वैशाली
- C.
कुशीनगर
- D.
पारसौली
Attempted by 89 students.
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Correct answer: B
अवधारणा: गद्यांश-आधारित (अपठित गद्यांश पर आधारित) प्रश्नों में सही उत्तर सदैव गद्यांश में स्पष्ट रूप से दी गई जानकारी पर आधारित होता है, न कि बाहरी सामान्य ज्ञान पर — भले ही वह सामान्य ज्ञान अपने-आप में सही क्यों न हो।
प्रयोग: दिए गए गद्यांश में स्पष्ट वाक्य है — "वैशाली में जन्म लिया, पावा में शरीर त्याग किया।" अर्थात गद्यांश के अनुसार महावीर स्वामी का जन्म-स्थान वैशाली बताया गया है।
तुलना/जाँच: शेष विकल्पों को गद्यांश की जानकारी से जाँचने पर —
गद्यांश में "पावा" का उल्लेख महावीर द्वारा शरीर त्यागने (मृत्यु) के स्थान के रूप में हुआ है, जन्म-स्थान के रूप में नहीं।
गद्यांश में कहीं भी कुशीनगर का उल्लेख महावीर के संदर्भ में नहीं है; यह सामान्यतः भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण-स्थल के रूप में जाना जाता है, परंतु इस गद्यांश में यह नाम आया ही नहीं है।
गद्यांश में कहीं भी "पारसौली" शब्द का उल्लेख नहीं है।
परिणाम: अतः गद्यांश में दी गई प्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर वैशाली ही सही उत्तर है।