निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त…

2023

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

तरह-तरह के बदलाव हुए मशीनों के आने से । हमारी पीढ़ी ने तो मशीनों को इंसान से कंप्यूटर के हवाले होते देखा है । परिवर्तन सृष्टि का नियम है । आग की खोज ने जिंदगी बदली तो पहिये के आविष्कार ने सभ्यताओं को जन्म दिया । अभी चैट जी.पी.टी. और बॉर्ड जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या ए.आई. आधारित प्लेटफॉर्म आए हैं तो हाहाकार मच रहा है । समझना इतना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच का सबसे बड़ा फर्क मानवता का है । ए.आई. आने वाले वक्त में जो भी करने वाला है, वह आज के इंसान की सोच का प्रतिबिंब ही होगा ।

ऐसी आशंकाएँ कि वाइट कॉलर जॉब यानी इंजीनियर, आई.ए.एस., डॉक्टर, वकील, डिज़ाइनर और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स की दुनिया सिमटने वाली है । स्कूल, कॉलेज, एग्ज़ाम, पर्चे, कोचिंग, अस्पताल, लैब और तकनीक से जुड़े हर तबके पर असर पड़ने वाला है । दुनिया भर में करीब तीस करोड़ लोगों की जॉब इससे प्रभावित होने वाली है । चैट जी.पी.टी. और इस जैसे दूसरे ए.आई. प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि आपके हर सवाल का जवाब ये सेकंड्स में दे सकते हैं । युवा विद्यार्थियों ने पढ़ाई में ए.आई. की मदद लेनी शुरू कर दी है । भविष्य की चिंताओं से जुड़े सबसे बड़े सवाल यहीं से पैदा होते नज़र आ रहे हैं । आखिर मेधा और मेधावियों को तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे ? क्या शिक्षकों का ज्ञान ए.आई. का मुकाबला कर पाएगा ?

गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि :

Answer: D. कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहे गए तथ्य या भाव से सीधे मेल खाता हो या उन्मूलन (elimination) से अकेला…

  1. A.

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता लोगों को रोज़गार दिलवाएगी ।

  2. B.

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मनुष्य-जीवन सुधर गया है ।

  3. C.

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य में मेधा को बढ़ावा देगी ।

  4. D.

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी ।

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Correct answer: D

अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहे गए तथ्य या भाव से सीधे मेल खाता हो या उन्मूलन (elimination) से अकेला बच रहे; जो कथन गद्यांश में वर्णित तथ्यों के विपरीत हो या गद्यांश में समर्थन न पाए, वह गलत माना जाता है ।

पहले तीन विकल्पों की जाँच गद्यांश से करने पर वे सीधे विपरीत सिद्ध होते हैं — गद्यांश रोज़गार बढ़ने की नहीं बल्कि करीब तीस करोड़ नौकरियों के प्रभावित होने की आशंका बताता है; जीवन 'सुधरने' का कोई दावा नहीं करता, बल्कि भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करता है; और मेधा 'बढ़ने' का दावा नहीं करता, बल्कि यह अनुत्तरित सवाल उठाता है कि मेधा तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे । इसके विपरीत, गद्यांश स्वयं स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव बुद्धिमत्ता के बीच सबसे बड़ा फर्क 'मानवता' का है, और स्कूल, परीक्षा, अस्पताल व रोज़गार जैसे हर मानव-केंद्रित क्षेत्र पर पड़ने वाले गहरे असर की चिंता जताता है — यानी गद्यांश स्वयं मानवीय पक्ष के प्रभावित होने की आशंका को केंद्र में रखता है, जबकि शेष तीन विकल्पों को खारिज करता है ।

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता लोगों को रोज़गार दिलवाएगी — गद्यांश इसका सीधा खंडन करता है, नौकरियों के प्रभावित/सिमटने की आशंका जताते हुए ।

  • मनुष्य-जीवन सुधर गया है — गद्यांश में सुधार का कोई उल्लेख नहीं, बल्कि भविष्य को लेकर चिंता और अनिश्चितता व्यक्त की गई है ।

  • भविष्य में मेधा को बढ़ावा देगी — गद्यांश तो यह सवाल उठाता है कि मेधा तय करने वाले इम्तेहान अब कैसे होंगे, यह दावा नहीं करता कि ए.आई. मेधा बढ़ाएगी ।

अतः विकल्पों के उन्मूलन और गद्यांश के स्पष्ट कथनों दोनों के आधार पर सही निष्कर्ष यही है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण मानवीय संवेदनाएँ प्रभावित होंगी — यही उत्तर आधिकारिक CTET अगस्त 2023 पेपर-2 उत्तर कुंजी (Set F, हिंदी खंड, प्रश्न 124) में भी दर्ज है ।

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