'आवारा मसीहा' जीवनी में किसका जीवन-चरित है?

2013

'आवारा मसीहा' जीवनी में किसका जीवन-चरित है?

Answer: B. शरत्चन्द्र चट्टोपाध्यायहिंदी साहित्य में लेखक-रचना एवं जीवनी-संबंधी प्रश्नों को हल करने के लिए यह जानना आवश्यक है कि किस रचनाकार पर किस शीर्षक से जीवनी लिखी गई है। जीवनी का शीर्षक…

  1. A.

    बंकिमचन्द्र चटर्जी

  2. B.

    शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय

  3. C.

    भगतसिंह

  4. D.

    जैनेन्द्र

Attempted by 1 students.

Show answer & explanation

Correct answer: B

हिंदी साहित्य में लेखक-रचना एवं जीवनी-संबंधी प्रश्नों को हल करने के लिए यह जानना आवश्यक है कि किस रचनाकार पर किस शीर्षक से जीवनी लिखी गई है। जीवनी का शीर्षक प्रायः विषय-व्यक्ति (जिसके जीवन पर वह आधारित है) के जीवन की किसी विशेषता का प्रतीकात्मक बिंब होता है, और प्रत्येक जीवनी-शीर्षक किसी एक ही विषय-व्यक्ति से संबद्ध होता है।

'आवारा मसीहा' विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित एक सुप्रसिद्ध हिंदी जीवनी है, जो बांग्ला उपन्यासकार शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित है। शरत्चन्द्र का बचपन तथा युवावस्था घुमक्कड़ी, दरिद्रता और संघर्ष से भरी रही, इसलिए जीवनी का शीर्षक 'आवारा मसीहा' रखा गया — 'आवारा' उनके यायावर स्वभाव का और 'मसीहा' साहित्य के माध्यम से समाज को नई दिशा देने के उनके कार्य का प्रतीक है। यह जीवनी वर्ष 1974 में प्रकाशित हुई थी और हिंदी जीवनी-साहित्य की सर्वाधिक चर्चित कृतियों में गिनी जाती है।

अन्य विकल्पों में दिए गए व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध हैं, किंतु 'आवारा मसीहा' किसी की भी जीवनी नहीं है:

  • बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला के प्रतिष्ठित उपन्यासकार हैं (आनंदमठ, वंदे मातरम् के रचयिता), किंतु उन पर आधारित कोई जीवनी 'आवारा मसीहा' शीर्षक से नहीं है।

  • भगतसिंह एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे; उन पर लिखी रचनाएँ भिन्न शीर्षकों से प्रकाशित हैं, 'आवारा मसीहा' के नाम से नहीं।

  • जैनेन्द्र (जैनेन्द्र कुमार) स्वयं एक प्रतिष्ठित हिंदी उपन्यासकार हैं, परंतु उनके जीवन पर आधारित कोई जीवनी इस शीर्षक से नहीं लिखी गई।

अतः 'आवारा मसीहा' जीवनी में शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय का जीवन-चरित वर्णित है, जो सही उत्तर है।

Explore the full course: Ssc Cgl Tier 2

Loading lesson…