नाटक शिक्षण की उपयुक्त विधि है

2013

नाटक शिक्षण की उपयुक्त विधि है

Answer: A. कक्षाभिनय प्रणालीनाटक शिक्षण की दो प्रमुख विधियाँ मानी जाती हैं — रंगमंच प्रणाली, जिसमें वास्तविक मंच, वेशभूषा व पूर्वाभ्यास के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाता है (जैसे…

  1. A.

    कक्षाभिनय प्रणाली

  2. B.

    रंगमंच प्रणाली

  3. C.

    अर्थबोध प्रणाली

  4. D.

    व्याख्या प्रणाली

Attempted by 16 students.

Show answer & explanation

Correct answer: A

नाटक शिक्षण की दो प्रमुख विधियाँ मानी जाती हैं — रंगमंच प्रणाली, जिसमें वास्तविक मंच, वेशभूषा व पूर्वाभ्यास के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाता है (जैसे विद्यालय के वार्षिकोत्सव में); और कक्षाभिनय प्रणाली, जिसमें कक्षा-कक्ष के सीमित स्थान व संसाधनों में ही विद्यार्थी पात्रों की भूमिका निभाकर पाठ को अभिनीत करते हैं। नियमित कक्षा-शिक्षण के लिए कक्षाभिनय प्रणाली को ही व्यावहारिक व उपयुक्त विधि माना गया है।

चूँकि यहाँ सामान्य कक्षा-परिवेश में नाटक शिक्षण की उपयुक्त विधि पूछी गई है — न कि किसी विशेष मंच-प्रदर्शन की — अतः बिना किसी अतिरिक्त मंच-व्यवस्था, वेशभूषा या पूर्वाभ्यास के, कक्षा में उपलब्ध स्थान में ही अभिनय द्वारा पाठ पढ़ाने वाली विधि सही उत्तर है।

  • रंगमंच प्रणाली के लिए वास्तविक मंच, वेशभूषा व पूर्वाभ्यास आवश्यक है — यह विशेष अवसरों (वार्षिकोत्सव) के लिए है, नियमित कक्षा-शिक्षण के लिए नहीं।

  • अर्थबोध प्रणाली गद्य/पद्य के अर्थ-ग्रहण व बोध-शिक्षण की विधि है, अभिनय-आधारित नहीं।

  • व्याख्या प्रणाली में शिक्षक द्वारा पाठ की मौखिक व्याख्या दी जाती है, जिसमें विद्यार्थियों की सक्रिय अभिनय-भागीदारी नहीं होती।

Explore the full course: Uptet Paper 1

Loading lesson…