नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर…
2016
नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
गद्यांश :
मृत्यु से जीवन की समाप्ति नहीं होती। जीवन की धारा अनवरत बहती रहती है। किसी व्यक्ति का शरीर भले ही नष्ट हो जाए, परंतु उसकी आत्मा अमर होती है। शरीर मिट्टी से बना है, इसलिए वह मिट्टी में मिल जाता है, पर आत्मा का विनाश नहीं होता। यह शरीर केवल आत्मा का आवास है। जब शरीर जीर्ण-शीर्ण हो जाता है, तब आत्मा उसे त्याग देती है। आत्मा न कभी जन्म लेती है, न कभी मरती है। वह अनादि और अनन्त है। इसलिए हमें मृत्यु से डरना नहीं चाहिए। मृत्यु केवल शरीर का परिवर्तन है।
प्रश्न :लेखक के अनुसार मृत्यु किसकी समाप्ति है?
Answer: B. शरीर की — द्यांश में स्पष्ट लिखा है — “शरीर भले ही नष्ट हो जाए, परंतु आत्मा अमर होती है।” अतः मृत्यु शरीर की समाप्ति है, आत्मा की नहीं।
- A.
आत्मा की
- B.
शरीर की
- C.
जीवन की
- D.
किसी पीड़ा की
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Correct answer: B
द्यांश में स्पष्ट लिखा है — “शरीर भले ही नष्ट हो जाए, परंतु आत्मा अमर होती है।” अतः मृत्यु शरीर की समाप्ति है, आत्मा की नहीं।