निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त…
2023
निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
आया समय, उठो तुम नारी,
युग-निर्माण तुम्हें करना है ।
आज़ादी की खुदी नींव में,
तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है ।
अपने को कमज़ोर न समझो,
जननी हो संपूर्ण जगत की, गौरव हो ।
स्त्री की निर्माणकारी शक्ति का भाव कविता की किस पंक्ति में निहित है ?
Answer: A. युग-निर्माण तुम्हें करना है । — काव्यांश या गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में जब किसी विशेष भाव (जैसे निर्माणकारी शक्ति) को पहचानना हो, तो उस पंक्ति को खोजा जाता है जिसमें विषय-वस्तु से सीधे…
- A.
युग-निर्माण तुम्हें करना है ।
- B.
आज़ादी की खुदी नींव ।
- C.
जननी हो संपूर्ण जगत की ।
- D.
कमज़ोर न समझो ।
Attempted by 6 students.
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Correct answer: A
काव्यांश या गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में जब किसी विशेष भाव (जैसे निर्माणकारी शक्ति) को पहचानना हो, तो उस पंक्ति को खोजा जाता है जिसमें विषय-वस्तु से सीधे जुड़ा मूल शब्द प्रयुक्त हुआ हो, न कि किसी सामान्य या दूर के भाव वाली पंक्ति को।
प्रस्तुत प्रश्न में 'स्त्री की निर्माणकारी शक्ति' का भाव पूछा गया है। पंक्ति 'युग-निर्माण तुम्हें करना है' में 'निर्माण' शब्द का सीधा प्रयोग हुआ है, जो निर्माणकारी (रचनात्मक) शक्ति के भाव को प्रत्यक्ष रूप से व्यक्त करता है — नारी को युग की रचना करने का आह्वान दिया गया है।
शेष पंक्तियों की जाँच करने पर — 'आज़ादी की खुदी नींव' पहले से खुदी हुई नींव की बात करती है, जो पृष्ठभूमि मात्र है, सृजन-क्रिया नहीं; 'जननी हो संपूर्ण जगत की' नारी की पहचान और गौरव को दर्शाती है, निर्माण-कार्य को नहीं; 'कमज़ोर न समझो' आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति पर बल देती है, सृजन पर नहीं। इनमें से किसी में भी निर्माण से जुड़ा कोई सक्रिय रचनात्मक क्रिया-भाव नहीं मिलता।
अतः स्त्री की निर्माणकारी शक्ति का भाव 'युग-निर्माण तुम्हें करना है' पंक्ति में निहित है।