निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त वाले…
2024
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त वाले विकल्प को चुनिए :
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सिफ़त हिम्मत है। व्यक्ति के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। कुछ लोग ऐसी गोधूलि में बसते हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी ज़िंदगी होती है। ऐसी ज़िंदगी की पहचान यह है कि वह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ़ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है। ज़िंदगी के उस पन्ने को उलटकर पढ़ना चाहिए जिसके सभी अक्षर फूलों से नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हों।
'अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना' से क्या अभिप्राय है?
Answer: C. दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना। — किसी मुहावरे या लाक्षणिक प्रयोग का अर्थ सदैव प्रसंग (context) के अनुसार समझा जाता है, शब्दशः (literal) अर्थ से नहीं। गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में वाक्यांश…
- A.
अपने दाएं-बाएं देखकर चलना।
- B.
अपने पड़ोसियों का ध्यान रखना।
- C.
दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना।
- D.
सबका हित देखना।
Attempted by 9 students.
Show answer & explanation
Correct answer: C
किसी मुहावरे या लाक्षणिक प्रयोग का अर्थ सदैव प्रसंग (context) के अनुसार समझा जाता है, शब्दशः (literal) अर्थ से नहीं। गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में वाक्यांश का अर्थ आसपास के वाक्यों में व्यक्त विचार से मेल खाना चाहिए।
गद्यांश में साहसी व्यक्ति की पहचान यह बताई गई है कि वह इस बात की परवाह नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं। इसके ठीक बाद कहा गया है कि 'अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना, यह साधारण जीव का काम है' — अर्थात दूसरों (पड़ोस/समाज) की राय व प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर अपना व्यवहार तय करना ही सामान्य (डरपोक) व्यक्ति की पहचान है, जबकि साहसी व्यक्ति ऐसा नहीं करता। इस प्रकार यह पंक्ति 'दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना' अर्थात समाज या अन्य लोग क्या सोचेंगे इसी आधार पर जीवन जीने की ओर संकेत करती है।
शेष विकल्पों की जाँच करने पर:
'अपने दाएं-बाएं देखकर चलना' मुहावरे का शाब्दिक (भौतिक) अर्थ है, जबकि गद्यांश में इसका प्रयोग लाक्षणिक रूप में हुआ है।
'अपने पड़ोसियों का ध्यान रखना' का अर्थ पड़ोसियों की देखभाल करना है, न कि दूसरों की राय से प्रभावित होना।
'सबका हित देखना' परोपकार की भावना दर्शाता है, जबकि गद्यांश का भाव समाज की राय/भय से प्रभावित होकर जीने का है, दूसरों के हित का नहीं।
अतः सही उत्तर 'दूसरों के अनुसार ज़िंदगी जीना' है।