निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर…

2024

निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए:

मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति संगीत है। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।

संगीत के आनंद की प्राप्ति के लिए क्या आवश्यक है?

Answer: B. सुनने की कला विकसित करनी चाहिए।गद्यांश-आधारित प्रश्नों में उत्तर पाठ में स्पष्ट रूप से कही गई बात से सीधे प्राप्त होता है — प्रश्न में पूछे गए तथ्य से संबंधित पंक्ति गद्यांश में खोजनी होती…

  1. A.

    सुरीला कंठ होना चाहिए।

  2. B.

    सुनने की कला विकसित करनी चाहिए।

  3. C.

    संगीत का ज्ञान होना चाहिए।

  4. D.

    संगीतज्ञ से पहचान करनी चाहिए।

Attempted by 5 students.

Show answer & explanation

Correct answer: B

गद्यांश-आधारित प्रश्नों में उत्तर पाठ में स्पष्ट रूप से कही गई बात से सीधे प्राप्त होता है — प्रश्न में पूछे गए तथ्य से संबंधित पंक्ति गद्यांश में खोजनी होती है और उसी पंक्ति के आधार पर सही विकल्प चुनना होता है, बाहरी ज्ञान या अनुमान के आधार पर नहीं।

गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है, "संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है।" यह पंक्ति सीधे प्रश्न "संगीत के आनंद की प्राप्ति के लिए क्या आवश्यक है?" का उत्तर देती है। अतः सुनने की कला विकसित करना ही आनंद प्राप्ति की आवश्यक शर्त है।

शेष विकल्पों की जाँच:

  • गद्यांश में कहीं भी सुरीले कंठ को आनंद प्राप्ति की शर्त नहीं बताया गया।

  • गद्यांश में संगीत के सैद्धांतिक ज्ञान का उल्लेख आनंद प्राप्ति की शर्त के रूप में नहीं है।

  • गद्यांश में किसी संगीतज्ञ से पहचान करने की कोई बात नहीं कही गई है।

इस प्रकार पाठ-आधारित प्रमाण केवल "सुनने की कला विकसित करनी चाहिए" वाले कथन का समर्थन करता है।

Explore the full course: Ctet Paper 1

Loading lesson…