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2024

निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए:

मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति संगीत है। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।

'सार्वभौमिक' का अर्थ है :

Answer: D. संपूर्ण जगत में व्याप्त।अवधारणा: हिंदी शब्द 'सार्वभौमिक' संस्कृत के 'सार्वभौम' (जो 'सर्व' + 'भूमि' से वृद्धि द्वारा बना है, अर्थात 'संपूर्ण पृथ्वी से संबंधित') में विशेषण-प्रत्यय…

  1. A.

    सभी धर्मों में व्याप्त।

  2. B.

    समान भाव से व्याप्त।

  3. C.

    स्वदेश में व्याप्त।

  4. D.

    संपूर्ण जगत में व्याप्त।

Attempted by 8 students.

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Correct answer: D

अवधारणा: हिंदी शब्द 'सार्वभौमिक' संस्कृत के 'सार्वभौम' (जो 'सर्व' + 'भूमि' से वृद्धि द्वारा बना है, अर्थात 'संपूर्ण पृथ्वी से संबंधित') में विशेषण-प्रत्यय '-इक' जोड़कर बना है। शब्दकोशीय एवं प्रचलित अर्थ में इसका तात्पर्य है — किसी एक क्षेत्र, धर्म, वर्ग या भावना-विशेष तक सीमित न रहकर संपूर्ण पृथ्वी/जगत में फैला या व्याप्त होना।

अनुप्रयोग: गद्यांश में कहा गया है कि 'संगीत एक सार्वभौमिक कला है', अर्थात संगीत किसी एक जाति, धर्म, भाषा या देश की सीमा में बँधी कला नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के मनुष्यों द्वारा समान रूप से अनुभव की जाने वाली और अपनाई जाने वाली कला है। इसीलिए गद्यांश में इसे मानव-आनंद की सहज एवं प्रकृति-प्रदत्त अभिव्यक्ति भी बताया गया है, जो प्रत्येक मनुष्य में सामान्य रूप से विद्यमान है।

तुलना (प्रत्येक विकल्प के मूल्य के आधार पर):

  • 'सभी धर्मों में व्याप्त' — गद्यांश में कहीं भी 'धर्म' का संदर्भ नहीं है; यह अर्थ गद्यांश की विषयवस्तु से असंगत है।

  • 'समान भाव से व्याप्त' — गद्यांश में यह शब्द 'कला' (संगीत) की विशेषता बताने हेतु प्रयुक्त हुआ है, भावनाओं की तुलना के लिए नहीं।

  • 'स्वदेश में व्याप्त' — गद्यांश में संगीत को किसी एक देश तक सीमित नहीं दिखाया गया, बल्कि संपूर्ण मानवता की साझा कला के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

  • 'संपूर्ण जगत में व्याप्त' — 'सार्वभौम' (संपूर्ण पृथ्वी से संबंधित) से व्युत्पन्न इस शब्द का यही शब्दकोशीय अर्थ है, जो गद्यांश के कथन से भी पूर्णतः संगत है।

अतः 'सार्वभौमिक' का शुद्ध एवं संगत अर्थ है — संपूर्ण जगत में व्याप्त।

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