निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर…

2024

निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए:

मनुष्य के आनंद की सहज अभिव्यक्ति संगीत है। संगीत जीवन की अनमोल धरोहर है। संगीत प्रकृति प्रदत्त कला है। ललित कलाओं में संगीतकला को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। संगीत वह ललित कला है जिसमें हम अपने मन की भावनाओं को स्वर और लय के माध्यम से प्रकट करते हैं। प्रत्येक कला भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। संगीत एक सार्वभौमिक कला है। संगीत का जन्म आनंद से होता है और हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है। संगीत के आनंद को पाने के लिए सुनने की कला विकसित करनी पड़ती है। संगीत केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करता अपितु हमें संस्कारित भी करता है। संगीत हमारे भीतर की अच्छाई को उद्वेलित करता है।

संगीत को जीवन की अनमोल धरोहर कहा गया है, क्योंकि:

Answer: A. यह आनंद का सृजन करता है।अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में, जब गद्यांश किसी वस्तु/कला को "अनमोल" या "अमूल्य" कहकर उसका मूल्यांकन करता है, तो उसका कारण सामान्यतः वह प्रत्यक्ष लाभ या…

  1. A.

    यह आनंद का सृजन करता है।

  2. B.

    यह प्रकृति प्रदत्त है।

  3. C.

    यह ख्याति प्रदान करता है।

  4. D.

    यह सर्वसुलभ है।

Attempted by 5 students.

Show answer & explanation

Correct answer: A

अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में, जब गद्यांश किसी वस्तु/कला को "अनमोल" या "अमूल्य" कहकर उसका मूल्यांकन करता है, तो उसका कारण सामान्यतः वह प्रत्यक्ष लाभ या प्रभाव होता है जो वह वस्तु मनुष्य को प्रदान करती है — न कि उसकी उत्पत्ति, प्रसिद्धि या सुलभता जैसे परिधीय तथ्य। सही उत्तर के लिए गद्यांश में उल्लिखित उस विशिष्ट लाभ को खोजना होता है जो सीधे इस मूल्यांकन से जुड़ा हो।

गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है — "हमारे लिए आनंद का सृजन भी संगीत करता है" — अर्थात संगीत मनुष्य के लिए आनंद उत्पन्न करता है, और यही आनंद-सृजन क्षमता उसे जीवन की अनमोल धरोहर बनाती है, क्योंकि आनंद मानव जीवन का सर्वाधिक मूल्यवान अनुभव है।

  • यह प्रकृति प्रदत्त है — गद्यांश में यह तथ्य कहा तो गया है, परंतु यह संगीत की उत्पत्ति (स्रोत) बताता है, न कि उसके अनमोल होने का कारण।

  • यह ख्याति प्रदान करता है — गद्यांश में कहीं भी ख्याति/प्रसिद्धि का उल्लेख नहीं है।

  • यह सर्वसुलभ है — गद्यांश में सुलभता का कोई प्रसंग नहीं है।

अतः "यह आनंद का सृजन करता है" गद्यांश द्वारा दिया गया सबसे उपयुक्त एवं सुसंगत कारण है।

Explore the full course: Ctet Paper 1

Loading lesson…