Comprehension: दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्न का उत्तर दीजिए…

2025

Comprehension:

दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्न का उत्तर दीजिए

संध्या का समय है, डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशों की आड़ से, एक अंग्रेजी ढंग पर सजे हुए कमरे में झाँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा है। अंग्रेजी ढंग की मनोहर तस्वीरें, जो दीवारों से लटक रहीं हैं, इस समय रंगीन वस्त्र धारण करके और भी सुंदर मालूम होती हैं। कमरे के बीचों-बीच एक गोल मेज़ है जिसके चारों तरफ नर्म मखमली गद्दों की रंगीन कुर्सियाँ बिछी हुई हैं। इनमें से एक कुर्सी पर एक युवा पुरुष सिर नीचा किये हुए बैठा कुछ सोच रहा है। वह अति सुंदर और रूपवान पुरुष है जिस पर अंग्रेजी काट के कपड़े बहुत भले मालूम होते हैं। उसके सामने मेज पर एक कागज़ है जिसको वह बार-बार देखता है। उसके चेहरे से ऐसा विदित होता है कि इस समय वह किसी गहरे सोच में डूबा हुआ है। थोड़ी देर तक वह इसी तरह पहलू बदलता रहा, फिर वह एकाएक उठा और कमरे से बाहर निकलकर बरांडे में टहलने लगा, जिसमें मनोहर फूलों और पत्तों के गमले सजाकर धरे हुए थे। वह बरांडे से फिर कमरे में आया और कागज का टुकड़ा उठाकर बड़ी बेचैनी के साथ इधर-उधर टहलने लगा।

उपरोक्त गद्यांश में किस समय का दृश्य प्रस्तुत किया गया है?

Answer: A. संध्या कागद्यांश-आधारित प्रश्नों में दृश्य, समय अथवा परिस्थिति की पहचान गद्यांश में प्रत्यक्ष रूप से दिए गए वर्णनात्मक संकेतकों (जैसे प्रकाश की स्थिति, सूर्य की गति,…

  1. A.

    संध्या का

  2. B.

    रात्रि का

  3. C.

    दोपहर का

  4. D.

    प्रातः काल का

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Correct answer: A

गद्यांश-आधारित प्रश्नों में दृश्य, समय अथवा परिस्थिति की पहचान गद्यांश में प्रत्यक्ष रूप से दिए गए वर्णनात्मक संकेतकों (जैसे प्रकाश की स्थिति, सूर्य की गति, वातावरण) के आधार पर की जाती है, न कि किसी बाहरी अनुमान से।

गद्यांश की आरंभिक पंक्ति में ही स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह संध्या का समय है, तथा डूबते हुए सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशों की आड़ से कमरे में झाँक रही हैं। सूर्य की यह अवस्था (अस्ताचल की ओर गमन) और दिन के इस भाग का प्रत्यक्ष उल्लेख दोनों मिलकर स्पष्ट करते हैं कि गद्यांश में शाम/संध्या का दृश्य प्रस्तुत किया गया है।

  • रात्रि — इस समय आकाश में सूर्य दिखाई नहीं देता, जबकि गद्यांश में सूर्य की किरणों का प्रत्यक्ष वर्णन है, इसलिए यह विकल्प गद्यांश के वर्णन से मेल नहीं खाता।

  • दोपहर — गद्यांश में दृश्य को स्पष्ट रूप से संध्या के रूप में तथा सूर्य को अस्ताचल की ओर ढलते हुए वर्णित किया गया है; दोपहर मध्याह्न के तुरंत बाद का, संध्या से पहले का समय है, अतः यह विकल्प गद्यांश के वर्णन से मेल नहीं खाता।

  • प्रातः काल — इस समय सूर्य उदय होता है, जबकि गद्यांश स्पष्ट रूप से सूर्य के अस्त होने की बात करता है, इसलिए यह विकल्प भी संगत नहीं बैठता।

अतः गद्यांश में दिए गए प्रत्यक्ष संकेतकों — ढलता सूर्य और रंगीन आभा — के आधार पर सही उत्तर 'संध्या का' है।

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