कार्डियक मायोपैथी एक दशा है जिसका लक्षण है :
2024
कार्डियक मायोपैथी एक दशा है जिसका लक्षण है :
Answer: D. हृदय परिवर्तन — संकल्पना — अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न का उत्तर केवल गद्यांश में कही गई बात से निकाला जाता है, बाहरी जानकारी से नहीं। किसी दशा का “लक्षण” वह परिवर्तन है जो…
- A.
हृदय का सिकुड़ना
- B.
फेफड़ों के आकार का छोटा होना
- C.
फेफड़ों तक सीमित वायु प्रवाह
- D.
हृदय परिवर्तन
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Correct answer: D
संकल्पना — अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न का उत्तर केवल गद्यांश में कही गई बात से निकाला जाता है, बाहरी जानकारी से नहीं। किसी दशा का “लक्षण” वह परिवर्तन है जो वह दशा शरीर में उत्पन्न करती है; यह उस दशा के “कारणों” से और उसके “उपचार” से बिलकुल अलग कोटि की बात है। इसलिए ऐसे प्रश्न में सबसे पहले गद्यांश की वह पंक्ति खोजी जाती है जिसमें लक्षण शब्द या उसका समानार्थी आया हो।
गद्यांश पर प्रयोग — गद्यांश की अंतिम पंक्ति लक्षण को सीधे बताती है: “इस दशा का लक्षण हृदय के कक्ष के आकार का बढ़ना और पंपिंग की दक्षता में कमी आना है।” अर्थात् इस दशा की पहचान हृदय में ही आया परिवर्तन है — उसके कक्ष पहले से बड़े हो जाते हैं और रक्त पंप करने की क्षमता घट जाती है। विकल्पों में यही बात “हृदय परिवर्तन” (हृदय के आकार में आया बदलाव) से व्यक्त होती है, अतः यही उत्तर है।
अन्य विकल्पों से मिलान —
“हृदय का सिकुड़ना” — गद्यांश कक्ष के आकार का बढ़ना बताता है, घटना नहीं; यह वाक्यांश परिवर्तन की दिशा उलट देता है।
“फेफड़ों के आकार का छोटा होना” — गद्यांश इस दशा को हृदय से जोड़ता है; फेफड़ों के आकार की चर्चा उसमें कहीं नहीं है।
“फेफड़ों तक सीमित वायु प्रवाह” — वायु प्रवाह या श्वसन का उल्लेख पूरे गद्यांश में एक बार भी नहीं आया।
सावधानी — 20 चिन्हित विषाणु, परजीवी संक्रमण, दीर्घकालिक मदिरा-पान, रक्तचाप, शिशु-जन्म के बाद की स्थिति और पारिवारिक प्रवृत्ति: ये सब गद्यांश में गिनाए गए कारण हैं, लक्षण नहीं। कारण और लक्षण को आपस में मिला देना ही इस प्रश्न का मुख्य जाल है।
निष्कर्ष — गद्यांश के अनुसार कार्डियक मायोपैथी का लक्षण हृदय के कक्षों का बड़ा होना और पंपिंग दक्षता का घटना है, अर्थात् हृदय में आया परिवर्तन।