निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प…
2024
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
दिवसावसान का समय,
मेघमय आसमान से उतर रही है
वह संध्या सुंदरी परी-सी
धीरे-धीरे-धीरे।
तिमिरांचल में चंचलता का नहीं कहीं आभास,
मधुर मधुर हैं दोनों उसके अधर-
किंतु जरा गंभीर नहीं है उनमें हास-विलास
हँसता है तो केवल तारा एक
गुँथा हुआ उन घुँघराले काले-काले बालों से
हृदयराज की रानी का वह करता है अभिषेक।
किसके हँसने की बात की गई है?
Answer: B. तारा — किसी अपठित पद्यांश/गद्यांश पर आधारित प्रश्न में सही उत्तर उसी शब्द या पंक्ति से निकाला जाता है जहाँ पद्यांश स्पष्ट रूप से पूछी गई बात कहता है; आस-पास वर्णित…
- A.
मेघ
- B.
तारा
- C.
संध्या
- D.
आकाश
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Correct answer: B
किसी अपठित पद्यांश/गद्यांश पर आधारित प्रश्न में सही उत्तर उसी शब्द या पंक्ति से निकाला जाता है जहाँ पद्यांश स्पष्ट रूप से पूछी गई बात कहता है; आस-पास वर्णित अन्य तत्व केवल भ्रामक विकल्प (विकर्षण) होते हैं, जब तक पाठ स्वयं उस तत्व से पूछी गई क्रिया या विशेषता को न जोड़े।
प्रश्न पूछता है कि हँसने की बात किसके संदर्भ में कही गई है। पद्यांश में केवल एक पंक्ति में 'हँसना' क्रिया का प्रयोग हुआ है — 'हँसता है तो केवल तारा एक।' यहाँ प्रयुक्त शब्द 'केवल' यह स्पष्ट करता है कि वर्णित सभी तत्वों (संध्या, मेघ, आकाश) में से हँसने की क्रिया केवल तारे से जुड़ी है, जो घुँघराले काले बालों में गुँथा हुआ बताया गया है।
मेघ — मेघमय आसमान केवल संध्या के उतरने की पृष्ठभूमि के रूप में वर्णित है; मेघ कोई क्रिया नहीं करता।
संध्या — परी-सी, धीरे-धीरे उतरती और तिमिरांचल में चंचलता-रहित बताई गई है; उसका चरित्र-चित्रण शांत-गंभीर है, हँसने की क्रिया का नहीं।
आकाश — केवल पृष्ठभूमि तत्व के रूप में उल्लेखित है; उसे कोई भाव या क्रिया करते नहीं दिखाया गया।
तारा — 'केवल तारा एक' पंक्ति में प्रत्यक्ष रूप से हँसने की क्रिया से जुड़ा हुआ है।
अतः पद्यांश के अनुसार, हँसने की बात तारे की हँसने की है।