निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस संसार में सब कुछ अस्थायी है। पाप और पुण्य दोनों इस संसार से संबंधित हैं, इसलिए पाप और पुण्य भी अस्थायी हैं। पुण्य सुख देकर और पाप दुख देकर अंत को प्राप्त होता है। लेकिन पाप और पुण्य में थोड़ा अंतर यह है कि पुण्य का फल यदि हम नहीं चाहते तो उस फल को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। पाप लोहे की जंजीर है तो पुण्य सोने की। बंधन दोनों में है। लोहे की जंजीर से छूटने का आदमी का मन भी करता है लेकिन सोने की जंजीर से जो बंधा हुआ हो उसको वह बंधन प्यारा लगने लगता है। उसमें उसको धन नजर आता है उससे छूटने का मन नहीं करता।
समूह से भिन्न शब्द है :
Answer: A. फल — अवधारणा: व्याकरणिक वर्ग के आधार पर विषम शब्द ज्ञात करने के लिए यह देखना होता है कि दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द किसी वस्तु/परिणाम का नाम बताने वाली संज्ञा…
- A.
फल
- B.
स्वतंत्र
- C.
अस्थायी
- D.
प्यारा
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Correct answer: A
अवधारणा: व्याकरणिक वर्ग के आधार पर विषम शब्द ज्ञात करने के लिए यह देखना होता है कि दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द किसी वस्तु/परिणाम का नाम बताने वाली संज्ञा (noun) है और कौन-से शब्द किसी गुण/अवस्था को बताने वाले विशेषण (adjective) हैं — संज्ञा और विशेषण अलग-अलग व्याकरणिक श्रेणियाँ हैं।
प्रयोग: दिए गए विकल्पों में से "स्वतंत्र" (मुक्त होने की अवस्था बताने वाला), "अस्थायी" (न रहने वाली अवस्था बताने वाला), और "प्यारा" (प्रिय होने का गुण बताने वाला) — तीनों विशेषण हैं, जो किसी संज्ञा की विशेषता बताते हैं। जबकि "फल" स्वयं एक संज्ञा है — यह किसी कार्य के परिणाम/वस्तु का नाम है, न कि किसी गुण/अवस्था का वर्णन।
जाँच: गद्यांश में भी इसकी पुष्टि होती है — "पुण्य का फल" में "फल" एक वस्तु/परिणाम के रूप में प्रयुक्त है, जिसे अस्वीकार करने के लिए व्यक्ति "स्वतंत्र" (विशेषण) है। अतः व्याकरणिक श्रेणी की दृष्टि से "फल" शेष तीनों शब्दों से भिन्न है।
अतः सही उत्तर "फल" है।