निर्देश : निम्नलिखित कविता को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त…
2023
निर्देश : निम्नलिखित कविता को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जिन्हें सपने अपने पाने हैं
बन जाते वे तो दीवाने हैं
गर लक्ष्य जो साधा है तूने
उसे पाने की कोशिश तू कर
चल आगे बढ़, तूफानों से न डर।
चल कश्ती उठा, सागर में उतर।
है रात अँधेरी फिकर है क्या
एक दिन आएगी अपनी सहर
चल कश्ती उठा, सागर में उतर।
'सहर' का अर्थ है :
Answer: A. सुबह — अवधारणा: 'सहर' मूलतः अरबी भाषा का शब्द है, जो फ़ारसी व उर्दू के माध्यम से हिंदी काव्य में भी प्रचलित हुआ है। यह एक कालवाचक (समय-सूचक) शब्द है, जिसका शब्दकोशीय…
- A.
सुबह
- B.
रात
- C.
शाम
- D.
निराशा
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Correct answer: A
अवधारणा: 'सहर' मूलतः अरबी भाषा का शब्द है, जो फ़ारसी व उर्दू के माध्यम से हिंदी काव्य में भी प्रचलित हुआ है। यह एक कालवाचक (समय-सूचक) शब्द है, जिसका शब्दकोशीय अर्थ प्रातःकाल/सुबह है — अर्थात रात्रि के अंधकार के पश्चात होने वाला उजाला।
प्रयोग: कविता की पंक्ति "है रात अँधेरी फिकर है क्या, एक दिन आएगी अपनी सहर" में रात (अंधकार, कठिनाई) के पश्चात आने वाले उजाले और आशा के प्रतीक के रूप में 'सहर' का प्रयोग हुआ है — अर्थात संघर्ष के बाद अच्छे दिन आने की बात कही गई है।
अन्य विकल्पों से तुलना:
रात — अंधकार व कठिन समय की अवस्था; कविता में यह अर्थ पहले ही अलग से प्रयुक्त हो चुका है।
शाम — दिन के ढलने व सूर्यास्त के समय का सूचक शब्द।
निराशा — आशा के अभाव की भावनात्मक अवस्था, यह कालवाचक शब्द नहीं है।
इनमें से कोई भी रात्रि के अंधकार के बाद प्रतीक्षित उजाले के भाव के अनुरूप नहीं बैठता; पंक्ति का भाव केवल 'सुबह' अर्थ लेने पर ही सुसंगत होता है। CBSE द्वारा जारी CTET 2023 पेपर-II की आधिकारिक उत्तर कुंजी में भी यही विकल्प सही माना गया है।