निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प…
2021
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए :
खेल की कक्षा शुरू हुई तो एक दुबली-पतली लड़की शिक्षक से ओलिंपिक रिकॉर्ड्स के बारे में सवाल पूछने लगी। इस पर कक्षा में सभी छात्र हँस पड़े। चार साल की उम्र में ही उसे पोलियो हो गया था। शिक्षक ने भी व्यंग्य किया, 'तुम खेलों के बारे में जानकर क्या करोगी? तुम तो ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती, फिर ओलिंपिक से तुम्हारा क्या मतलब? तुम्हें कौन-सा खेलों में भाग लेना है जो यह सब जानना चाहती हो।' उदास होकर लड़की चुपचाप बैठ गई। सारी क्लास उस पर देर तक हँसती रही। घर जाकर उसने माँ से पूछा, 'क्या मैं दुनिया की सबसे तेज़ धावक बन सकती हूँ?' उसकी माँ ने उसे प्रेरित किया और कहा, 'तुम कुछ भी कर सकती हो। इस संसार में नामुमकिन कुछ भी नहीं है।'
अगले दिन जब खेल पीरियड में उसे बाकी बच्चों से अलग बिठाया गया, तो उसने कुछ सोचकर बैसाखियाँ सँभाली और दृढ़ निश्चय के साथ बोली, 'सर, याद रखिएगा, अगर लगन सच्ची और इरादे बुलंद हों, तो सब कुछ संभव है।' सभी ने इसे भी मज़ाक में लिया और उसकी बात पर ठहाका लगाया।
अब वह लड़की तेज़ चलने के अभ्यास में जुट गई, वह कोच की सलाह पर अमल करने लगी, अच्छी और पौष्टिक खुराक लेने लगी। कुछ दिनों में उसने अच्छी तरह चलना, फिर दौड़ना सीख लिया। उसके बाद वह छोटी-मोटी दौड़ में हिस्सा लेने लगी। अब कई लोग उसकी मदद के लिए आगे आने लगे। वे उसका उत्साह बढ़ाते। उसके हौसले बुलंद होने लगे। उसने 1960 के ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर 4 x 100 और रिले में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। ओलिंपिक में इतिहास रचने वाली वह बालिका थी अमेरिका की प्रसिद्ध धाविका विल्मा रूडोल्फ।
आपके विचार से लड़की को सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणा किसने दी ?
Answer: C. उसकी माँ ने — अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रश्न में सही विकल्प वह होता है जिसका सीधा और स्पष्ट समर्थन गद्यांश में लिखे गए कथनों/संवादों से मिलता है। जब प्रश्न किसी पात्र की…
- A.
उसके शिक्षक ने
- B.
उसके सहपाठियों ने
- C.
उसकी माँ ने
- D.
उसके प्रशिक्षक ने
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Correct answer: C
अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रश्न में सही विकल्प वह होता है जिसका सीधा और स्पष्ट समर्थन गद्यांश में लिखे गए कथनों/संवादों से मिलता है। जब प्रश्न किसी पात्र की भूमिका (जैसे 'सबसे बड़ी प्रेरणा किसने दी') पूछता है, तो उत्तर उस पात्र के उस कथन या कार्य से जोड़ा जाता है जो गद्यांश में सीधे प्रश्न से जुड़ी घटना (यहाँ लड़की की पूछी गई बात) के उत्तर में दर्ज है, न कि किसी अन्य प्रसंग में दर्ज कथन/कार्य से।
अनुप्रयोग: गद्यांश में लड़की ने घर जाकर माँ से पूछा, 'क्या मैं दुनिया की सबसे तेज़ धावक बन सकती हूँ?' इसके सीधे उत्तर में माँ ने कहा, 'तुम कुछ भी कर सकती हो। इस संसार में नामुमकिन कुछ भी नहीं है।' गद्यांश में इसके ठीक बाद अगला प्रसंग यह है कि अगले दिन लड़की दृढ़ निश्चय के साथ बोली कि 'अगर लगन सच्ची और इरादे बुलंद हों, तो सब कुछ संभव है' और तभी से उसने अभ्यास में जुटना शुरू किया। चूँकि प्रश्न सीधे उसी संवाद-प्रसंग (लड़की का प्रश्न और उसका सीधा उत्तर) की ओर इशारा करता है, इसलिए माँ का यह कथन ही उसकी सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
तुलना: गद्यांश में शेष तीन पात्रों की भूमिका इस प्रश्न-प्रसंग से भिन्न है —
शिक्षक: कक्षा में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने लड़की की शारीरिक स्थिति ('तुम तो ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती') पर टिप्पणी की — यह लड़की के प्रश्न का सीधा उत्तर नहीं, बल्कि कक्षा-प्रसंग की प्रतिक्रिया है।
सहपाठी: उन्होंने लड़की के कथनों पर देर तक हँसते हुए ठहाका लगाया — यह भी कक्षा-प्रसंग की प्रतिक्रिया है, माँ से पूछे गए प्रश्न का उत्तर नहीं।
प्रशिक्षक (कोच): गद्यांश में उनकी सलाह का उल्लेख अभ्यास शुरू होने के बाद के प्रसंग में आता है, यानी लड़की के दृढ़-निश्चय हो जाने के बाद के चरण में — यह उस आरंभिक प्रेरणा से अलग है जिसने उसे अभ्यास शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
इस तरह गद्यांश में दर्ज संवाद-क्रम की जाँच करने पर स्पष्ट होता है कि लड़की की सबसे बड़ी प्रेरणा माँ के उस उत्तर से मिली जिसने उसके प्रश्न का सीधे उत्तर दिया।